गूगल ने एंडरॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम के नए संस्करण एंडरॉयड ओ का प्रदर्शन कर दिया और इसका बीटा संस्करण आप उपभोक्ता के लिए उपलब्ध भी हो चुका है जिसे आप अपने फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं। सभी नई चीजों की तरह लोगों में एंडरॉयड के इस नए संस्करण को लेकर भी काफी उत्सुकता है। लोग यह जानना चाहते हैं कि एंडरॉयड ओ में इस बार क्या नया है तो चलिए आपको बताते हैं एंडरॉयड ओ के 10 शानदार फीचर्स।
1. लिमिट बैकग्राउंड
भले ही एंडरॉयड फोन निर्माता बड़ी-बड़ी बैटरी का दावा करते हों लेकिन आज भी फोन में बैटरी समस्या वैसी ही है। ज्यादातर बैटरी खपत बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स की वजह से होती है। ऐसे में नए ओएस में गूगल ने बैकग्राउंड को लिमिट कर दिया है। आप खुद से सेट कर सकते हैं कि बैकग्राउंड में कितने ऐप्स रन कर सकते हैं। इससे फोन का परफॉर्मेंस बेहतर होगा और बैटरी बैकअप भी अच्छी हो जाएगी।
भले ही एंडरॉयड फोन निर्माता बड़ी-बड़ी बैटरी का दावा करते हों लेकिन आज भी फोन में बैटरी समस्या वैसी ही है। ज्यादातर बैटरी खपत बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स की वजह से होती है। ऐसे में नए ओएस में गूगल ने बैकग्राउंड को लिमिट कर दिया है। आप खुद से सेट कर सकते हैं कि बैकग्राउंड में कितने ऐप्स रन कर सकते हैं। इससे फोन का परफॉर्मेंस बेहतर होगा और बैटरी बैकअप भी अच्छी हो जाएगी।
2. नोटिफिकेशन चैनल्स
एंडरॉयड ओ में कंपनी ने नोटिफिकेशन चैनल्स को पेश किया है जहां आप ऐप के हिसाब से नोटिफिकेशन को स्टोर कर सकते हैं और उसमें अपनी जरूरत के हिसाब से रिंगटोन चेंज और अगल-अलग तरह के कैटेगरी बना सकते हैं।
एंडरॉयड ओ में कंपनी ने नोटिफिकेशन चैनल्स को पेश किया है जहां आप ऐप के हिसाब से नोटिफिकेशन को स्टोर कर सकते हैं और उसमें अपनी जरूरत के हिसाब से रिंगटोन चेंज और अगल-अलग तरह के कैटेगरी बना सकते हैं।
3. आॅटोफिल
एंडरॉयड ओ का यह फीचर भी कमाल का है। किसी भी तरह के ईमेल आईडी बनाने के लिए या फिर कोई ट्रान्जेक्शन आईडी बनानी होती है तो आपको अपना डिटेल्स भरनी होती है। ऐसे में गूगल अब आपकी जानकारी सेव कर लेगा साथ ही उसे सुरक्षित भी रखेगा। इसके बाद जब भी आप कहीं जानकारी डालना होगा खुद ही यह भर देगा।
एंडरॉयड ओ का यह फीचर भी कमाल का है। किसी भी तरह के ईमेल आईडी बनाने के लिए या फिर कोई ट्रान्जेक्शन आईडी बनानी होती है तो आपको अपना डिटेल्स भरनी होती है। ऐसे में गूगल अब आपकी जानकारी सेव कर लेगा साथ ही उसे सुरक्षित भी रखेगा। इसके बाद जब भी आप कहीं जानकारी डालना होगा खुद ही यह भर देगा।
4. पिक्चर इन पिक्चर
पिछले साल एंडरॉयड टीवी में कंपनी ने इस फीचर को पेश किया था। वहीं अब एंडरॉयड ओ के साथ भी कंपनी ने इसे पेश किया है। इसमें आप वीडियो देखने के दौरान उसे फ्लोटिंग विंडोज में कहीं भी स्क्रीन पर सेट कर सकते हैं और फिर दूसरे ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं एक साथ दो वीडियो भी प्ले किया जा सकता है।
पिछले साल एंडरॉयड टीवी में कंपनी ने इस फीचर को पेश किया था। वहीं अब एंडरॉयड ओ के साथ भी कंपनी ने इसे पेश किया है। इसमें आप वीडियो देखने के दौरान उसे फ्लोटिंग विंडोज में कहीं भी स्क्रीन पर सेट कर सकते हैं और फिर दूसरे ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं एक साथ दो वीडियो भी प्ले किया जा सकता है।
5. वाईफाई अवेयर
इस फीचर सबसे कमाल का कह सकते हैं। इसमें बिना इंटरनेट भी दो वाईफाई डिवाइस आपसे में कम्यूनिकेट कर सकते हैं। अर्थात बिना इंटरनेट भी डाटा ट्रांसफर कर सकते हैं। गूगल ने एंडरॉयड ओ के इस फीचर का नाम वाईफाई अवेयर दिया है।
इस फीचर सबसे कमाल का कह सकते हैं। इसमें बिना इंटरनेट भी दो वाईफाई डिवाइस आपसे में कम्यूनिकेट कर सकते हैं। अर्थात बिना इंटरनेट भी डाटा ट्रांसफर कर सकते हैं। गूगल ने एंडरॉयड ओ के इस फीचर का नाम वाईफाई अवेयर दिया है।
6. फॉन्ट डाउनलोड
एंडरॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम ओ को आपको एक खास फीचर डाउनलोड फॉन्ट का मिलेगा। हालांकि इससे यह नहीं कि आप अलग—अगल तरह के फॉन्ट का उपयोग कर पाएंगे बल्कि इससे ऐप साइज काफी हल्का हो जाएगा और ऐप इंस्टॉल होने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी। इससे फोन के परफॉर्मेंस पर भी काफी फर्क पड़ेगा। फॉन्ट डाउलोड होने से हर ऐप के साथ एक ही तरह के फॉन्ट का उपयोग होगा और इससे ऐप इंस्टॉल होने में कम समय कम लगेगा, डाटा कम खर्च होगा और मैमोरी भी खाली रहेगी।
एंडरॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम ओ को आपको एक खास फीचर डाउनलोड फॉन्ट का मिलेगा। हालांकि इससे यह नहीं कि आप अलग—अगल तरह के फॉन्ट का उपयोग कर पाएंगे बल्कि इससे ऐप साइज काफी हल्का हो जाएगा और ऐप इंस्टॉल होने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी। इससे फोन के परफॉर्मेंस पर भी काफी फर्क पड़ेगा। फॉन्ट डाउलोड होने से हर ऐप के साथ एक ही तरह के फॉन्ट का उपयोग होगा और इससे ऐप इंस्टॉल होने में कम समय कम लगेगा, डाटा कम खर्च होगा और मैमोरी भी खाली रहेगी।
7. अडैप्टिव आईकॉन
साधारणत: एंडरॉयड फोन में आईकॉन एक जैसे लगते हैं। हालंकि लॉन्चर के हिसाब से इसे बदला जा सकता है लेकिन एंडरॉयड ओ में कंपनी ने अडैप्टिव आईकॉन आॅप्शन को पेश किया है। जहां फोन मॉडल और स्क्रीन साइज के हिसाब से आॅईकॉन शेप और स्टाइल बदल जाएंगे।
साधारणत: एंडरॉयड फोन में आईकॉन एक जैसे लगते हैं। हालंकि लॉन्चर के हिसाब से इसे बदला जा सकता है लेकिन एंडरॉयड ओ में कंपनी ने अडैप्टिव आईकॉन आॅप्शन को पेश किया है। जहां फोन मॉडल और स्क्रीन साइज के हिसाब से आॅईकॉन शेप और स्टाइल बदल जाएंगे।
8. कैशे डाटा लिमिट
एंडरॉयड ओ में अब गूगल के हिसाब से कैशे डाटा लिमिट सेट कर दिया है। अर्थात हर ऐप का अलग कैशे मैमोरी अलोकेट होगा। जैसे ही सिस्टम को लगेगा कि डाटा ज्यादा हो रहा है वह खुद से पुराने कैशे डाटा को डिलीट करना शुरू कर देगा।
एंडरॉयड ओ में अब गूगल के हिसाब से कैशे डाटा लिमिट सेट कर दिया है। अर्थात हर ऐप का अलग कैशे मैमोरी अलोकेट होगा। जैसे ही सिस्टम को लगेगा कि डाटा ज्यादा हो रहा है वह खुद से पुराने कैशे डाटा को डिलीट करना शुरू कर देगा।
9. स्मार्ट शेयरिंग
एंडरॉयड ओ को कंपनी ने स्मार्ट शेयरिंग फीचर से लैस किया है जहां ओएस खुद से आपको बताएगा कि आप किस डाटा को कहां शेयर कर सकते हैं। स्मार्ट शेयरिंग आपकी आदतों के आधार पर आॅप्शन को बताएगा।
एंडरॉयड ओ को कंपनी ने स्मार्ट शेयरिंग फीचर से लैस किया है जहां ओएस खुद से आपको बताएगा कि आप किस डाटा को कहां शेयर कर सकते हैं। स्मार्ट शेयरिंग आपकी आदतों के आधार पर आॅप्शन को बताएगा।
10. अतिरिक्त नेविगेशन बटन
इस बार एंडरॉयड ओ में आपको अतिरिक्त नेविगेशन बटन मिलेगा। बैक, होम और ओवरव्यू के अलावा इसमें एक बटन मिलेगा जिस आप स्क्रीन कैप्चर और शॉर्टकट आदि को सेट कर सकते हैं।
इस बार एंडरॉयड ओ में आपको अतिरिक्त नेविगेशन बटन मिलेगा। बैक, होम और ओवरव्यू के अलावा इसमें एक बटन मिलेगा जिस आप स्क्रीन कैप्चर और शॉर्टकट आदि को सेट कर सकते हैं।
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